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माधवपुर और शांतरशाह प्रकरण में हम चाहते हैं कि अपराधियों को दंड मिले - हरीश रावत


Haridwar (संदीप कुमार)   माधवपुर और शांतरशाह प्रकरण थमने का नाम नहीं ले रहा हैं । 5 अक्टूबर को नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद और लंढौरा विधायक उमेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से शांतरशाह और माधवपुर प्रकरण में विभिन्न मांगो को लेकर जिला कार्यालय हरिद्वार का घेराव किया गया था जिसमे शांतरशाह प्रकरण में SIT गठित होने का वही माधवपुर प्रकरण में पुलिस नगर अध्यक्ष की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन मिला  आश्वाशन मिलने के  बाद सभी आंदोलित नेता और कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन रोकने को राजी हुए। कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत  ने भी बीते कई दिनों पहले  दोनो प्रकरणों में अपने विधायकों और कार्यकर्ताओ के साथ मिलकर रुड़की SDM के यहां विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था  अब रावत जी ने अपने फेसबुक पर दोनो प्रकरणों को लेकर कहा शांतरशाह की बेटी निर्भया को एक ही स्थिति में न्याय मिल सकता है। जब हाईकोर्ट देख-रेख में एक अति उच्च स्तरीय SIT मामले की जांच करे। सत्ता तो अपने नेता को जो सामूहिक बलात्कार और हत्या का प्रमुख गुनाहगार है, को बचाना चाह रही है। सोहलपुर गाड़ा के वसीम को भी तभी न्याय मिल सकता है, जब एक अति उच्च स्तरीय एसआईटी माननीय हाईकोर्ट की देख-रेख में इस मामले की जांच करे। पूरे इलाके की जुबान पर है कि जिम ट्रेनर, होनहार नौजवान की हत्या किसने करवाई और क्यों की गई? मगर सत्ता, अपराध को कोई दूसरा रूप देना चाहती है। हम लड़ेंगे, लेकिन हमारा यह भी फैसला है कि इन दोनों मामलों में यदि राज्य सरकार ने जन भावना का सम्मान नहीं किया, उच्च स्तरीय एस.आई.टी., हाईकोर्ट की देख-रेख में गठित नहीं की गई तो हम 2027 में इसको एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाएंगे। दोषियों को हर हालत में सजा दिलवाएंगे। हमने सीबीआई की जांच की मांग की, हम जानते थे यह सीबीआई को मामले को सौंपने की हिम्मत नहीं दिखाएंगे और एस.आई.टी. भी यूं ही टालू जैसी बनाकर के मामले को समाप्त करना चाहती है। हम चाहते हैं कि अपराधियों को दंड मिले। चाहे 2024-25 में मिले या फिर 2027 मिले, मगर दंड अपराधियों को अवश्य दिया जायेगा और जो लोग अपराधियों को बचाने की कुचेष्टा कर रहे हैं उनको भी दंडित किया जाएगा।

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