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हरिद्वार जेल से कैदी फरार देहरादून तक हड़कंप

 


हरिद्वार जिला कारागार रोशनाबाद से शुक्रवार की रात एक कैदी और बंदी के फरार होने के मामले में हरिद्वार से लेकर देहरादून तक हड़कंप मचा हुआ है आज सुबह ही जेल आईजी सहित हरिद्वार जिले के डीएम कर्मेन्द्र सिंह और एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल जनपदीय अधिकारियों हरिद्वार जिला जेल में पहुंच गए। फिलहाल जेल के अंदर निरीक्षण चल रहा है और हरिद्वार पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में शिद्दत के साथ जुटी हुई हैं। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य इकट्ठा किए हैं। 



पुलिस के अनुसार शुक्रवार की रात करीब 8:00 बजे जेल परिसर में रामलीला चल रही थी। सभी कैदी बंदी यहां रामलीला देखने में व्यस्त थे। इन दिनों अंदर हाई सिक्योरिटी बैरक सेल का निर्माण का कार्य भी चल रहा है, जहां सीढ़ी व अन्य सामान पड़े हैं। बताया गया की रात रामलीला मंचन का फायदा उठाकर दो सीढ़ियों को एक साथ बांधकर जेल के पीछे की तरफ दीवार पर लगाया और दीवार पर चढ़कर दोनों जेल के पीछे जंगल की तरफ से फरार हो गए। कई घंटे तक बंदीरक्षक पहले अंदर ही कैदियों को तलाशते रहे, मगर जब कुछ पता नहीं चला तो पुलिस और उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया। 


इसके बाद सुबह तड़के ही डीआईजी जेल रतिराम मौर्य हरिद्वार पहुंचे।जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसपी क्राइम पंकज गैरोला, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ जिला कारागार पहुंचे। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित कर रही है। 


जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि जेल के अंदर रामलीला मंचन का कार्यक्रम चल रहा था जेलर पर जेल की सिक्योरिटी की जिम्मेदारी थी लेकिन जेलर सहित स्टाफ की लापरवाही का भी मामला है सुरक्षा में चूक हुई है पूरे मामले की इन्वेस्टीगेशन जारी है और मामले पर डिपार्टमेंटल कार्यवाही और मैजिस्टियल जांच कमेटी गठित कर जांच के आदेश कर दिए गए है


एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि कल दिन रात का यह मामला है जब जेल से दो कैदी फरार हो गए थे पहले जेल प्रशासन खुद ही फरार कैदियों की तलाश करता रहा सुबह पुलिस को सूचना दी गई है सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कर फरार कैदियों की तलाश में टीम में गठित कर धर पकड़ के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और जल्द ही फरार कैदियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, इनमें एक कैदी पंकज सजा याफ़्ता है और और कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि गैंग का गुर्गा बताया जा रहा है और दूसरा बंदी रामकुमार है उसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है

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